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योगी ने लिया हिन्दुओं के इतिहास का सबसे बड़ा फैसला, रच दिया इतिहास, मुस्लिम संगठनों में हड़कंप

 

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत से जीतकर सत्ता में आये योगी आदित्यनाथ तो यूपी में ऐसे-ऐसे कमाल कर रहे हैं, जिनकी अखिलेश राज में कल्पना तक मुश्किल थी. जहाँ एक ओर अखिलेश राज में थानों से सरकार चला करती थी, वहीँ योगी राज में बदमाशों के एनकाउंटर हो रहे हैं. मुलायम ने तो अयोध्या में हिन्दुओं पर खुलेआम गोलियां चलवा दी थी, वहीँ योगी सरकार ने बेहद ऐतिहासिक फैसला लेते हुए कृष्ण की नगरी मथुरा के वृन्दावन और राधा के बरसाना को तीर्थस्थली घोषित कर दिया है.

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अंडे, मांस और शराब की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध
बता दें कि ये पहला मौका है जब यूपी में किसी धार्मिक स्थल को तीर्थस्थान का दर्जा दिया गया. सबसे ज्यादा ख़ुशी की बात तो ये है कि वृन्दावन और बरसाना के तीर्थस्थल घोषित होते ही इन दोनों जगहों पर अंडे, मांस और शराब की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग गया है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वृन्दावन क्षेत्र भगवान् श्रीकृष्ण की जन्मस्थली और उनके बड़े भाई बलराम की क्रीड़ास्थली के रूप में विश्व विख्यात है. साथ ही, बरसाना श्री राधारानी की जन्मस्थली और क्रीड़ास्थली है. हिन्दुओं के लिए इन दोनों ही स्थानों का खासा महत्व रहा है. इसी के चलते वृन्दावन में हर साल डेढ़ करोड़ तो बरसाना में 60 लाख श्रद्धालु पहुंचते है.

योगी लाएंगे कैबिनेट में प्रस्ताव
प्रमुख सचिव सूचना, पर्यटन एवं धर्मार्थ कार्य अवनीश अवस्थी ने इस फैसले की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि पवित्र तीर्थ स्थल घोषित होने से वृन्दावन और बरसाना में मांस और शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लग जाएगा. इसके लिए कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर एक्ट में संशोधन किया जाएगा.

 

इन पवित्र स्थलों पर देश विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने एवं पुण्य लाभ हेतु आते हैं. इन तीर्थस्थलों का पौराणिक एवं पर्यटन की दृष्टि से इनके अत्यधिक महत्व को देखते हुए इन्हें पवित्र तीर्थस्थल घोषित किया गया है.

बता दें कि अयोध्या राम मंदिर को बनाने के लिए भी सभी पक्षों से बातचीत की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. साफ़ है कि जल्द ही राम मंदिर निर्माण कार्य शुरू हो सकता है. उससे ठीक पहले योगी ने वृन्दावन और बरसाना को तीर्थ स्थल घोषित करके एक बड़ा कारनामा कर दिखाया है.

आम जनता में ख़ुशी की लहर
इसे एक ऐसा ऐतिहासिक कदम बताया जा रहा है, जिसे फर्जी सेकुलरिज्म के चक्कर में देश का कोई भी नेता आजतक नहीं उठा पाया था. आम जनता से बातचीत करने पर लोगों ने सीएम योगी के इस कदम की जमकर तारीफ़ की और इसे साल का सबसे अच्छा फैसला तक बता दिया. कुछ लोगों ने तो पूरे देश में सीएम योगी जैसे मुख्यमंत्री होने की कामना तक कर डाली. हालांकि वामपंथियों को योगी सरकार का ये कदम हजम नहीं हो रहा है, उन्होंने योगी के फैसले पर सवाल करते हुए कहा कि क्या अब योगी ये तय करेंगे कि कहाँ क्या खाया जा सकेगा और क्या नहीं?

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