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टूट गया कश्मीर के लोगों के धैर्य का बाँध, निहत्थे ही किया ऐसा जबरदस्त कांड, सेना भी रह गयी हैरान

श्रीनगर : पीएम मोदी का मिशन कश्मीर सफल हो रहा है. सेना को खुली छूट दिए जाने से और आतंकियों को मरते देख कश्मीर के लोग अब निर्भीक हो गए हैं. अपने मजबूत प्रधानमंत्री और मजबूत सेना के साथ के कारण अब ना तो वो आतंकियों के फरमानों से डरते हैं और ना ही उनके नापाक इरादों से. कश्मीरियों में आतंकियों के खिलाफ गुस्सा इतना अधिक है कि वो अब उनसे भिड़ने से भी नहीं घबराते. सोमवार देर शाम भी कश्मीर में एक ऐसा ही हैरतअंगेज मंजर देखने को मिला, जिसे देख आतंकियों की आँखों में आतंक छा गया.

 

गांव के लोगों ने ही ठोका खूंखार आतंकी

दरअसल हुआ कुछ ऐसा कि कुछ आतंकियों ने शोपियां में सत्ताधारी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के हलका प्रधान व पूर्व सरपंच की उसके घर के बाहर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी. ये देख गांव के लोगों और नेता के परिजनों का गुस्सा फट पड़ा और उन्होंने आव-देखा ना ताव और आतंकियों पर निहत्थे ही टूट पड़े.

आतंकियों को गांव के लोगों से इसकी उम्मीद नहीं थी, जब तक वो कुछ समझ पाते, तब तक उनकी तबियत से धुनाई हो चुकी थी. लातों और घूंसों के बीच एक गांव वाले ने बी श्रेणी के खूंखार और पांच लाख के इनामी आतंकी शौकत अहमद फलाही की राइफल छीन ली और उसके सर का निशाना ले कर दाग दी.

राइफल से खोपड़ी के परखच्चे उड़ा दिए

एक ही गोली से शौकत अहमद फलाही की खोपड़ी फट गयी, जबकि ये मंजर देख उसके दो अन्य आतंकी साथियों की जान हलक में आ गयी और वो सर पर पैर रखकर भाग खड़े हुए. शौकत 25 अक्टूबर 2016 को आतंकी बना था.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आतंकियों के डर से पहले गांव के लोग कांपते थे, मगर मोदी सरकार में गांव के लोगों का साहस भी बढ़ा है. कांग्रेस के वक़्त में तो आतंकियों को मारने वालों को ही फंसा दिया जाता था और जेल में डाल दिया जाता था, यही वजह है कि पिछले 15 सालों में जम्मू-कश्मीर में ऐसा केवल तीन बार ही हुआ, जब ग्रामीणों ने किसी आतंकी को मौत के घाट उतारा हो.

 

इससे पहले एक बार दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में बक्करवाल नाम के शख्स ने एक आतंकी को कुल्हाड़ी से काट डाला था. वहीँ जम्मू संभाग के राजौरी जिले में एक बहादुर लड़की रुखसाना ने आतंकी को कुल्हाड़ी से काट डाला था. जम्मू-कश्मीर पुलिस महानिदेशक डॉ. एसपी वैद ने भी ट्वीट कर इस घटना की जानकारी दी है.

नेता को सेना का मुखबिर बता कर मारा

रात करीब आठ बजे स्वचालित हथियारों से लैस हिजबुल मुजाहिदीन के तीन आतंकी शोपियां जिले के जेनपोरा इमामसाहब के साथ सटे होमुन गांव में पहुंचे. आतंकी पीडीपी नेता मुहम्मद रमजान शेख (50) के घर में घुस गए और उसे बाहर ले आए. पीडीपी नेता के परिजन भी घर के बाहर आ गए. इसी बीच आतंकियों ने पीडीपी नेता के साथ मारपीट शुरू कर दी. आतंकियों के मुताबिक़ नेता सुरक्षा बलों का मुखबिर था और आतंकियों से जुडी जानकारी सेना तक पहुंचाता था.

इसी दौरान वहां शोर-शराबा सुनकर भारी संख्या में गांव वाले जमा हो गए और तभी आतंकियों का प्रतिरोध करने लगे. इसी दौरान आतंकियों ने अंधाधुंध गोलियों की बौछार कर दी, जिसमें पीडीपी नेता की जान चली गई. बस फिर क्या था, अपने सामने अपने ही नेता को मरते देख गांव वालों का माथा ठनक गया और वो आतंकियों से निहत्थे ही भिड़ गए.

बदल रहा है कश्मीर

आतंकियों की लातों-घूंसों से अच्छी सेवा की गयी. इस दौरान एक ग्रामीण ने आतंकी शौकत से उसकी राइफल छीनकर उसके सिर में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. शोपियां के एसएसपी एसआर अंबरकर ने बताया कि शौकत के अन्य दो साथियों को जिंदा अथवा मुर्दा पकड़ने के लिए पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली गई है और तलाशी अभियान जारी है.

मानना पडेगा कि कश्मीर अब बदल रहा है. लोगों के दिल से आतंकियों का डर ख़त्म हो रहा है. पहले तो लोग आतंकियों की जानकारियां ही सेना तक पहुंचाते थे, मगर अब तो खुद ही आतंकियों का न्याय भी कर दे रहे हैं.

 

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