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सुहागरात पर सास ने दुल्हन को दिया स्फेद तौलिया, कहा- साबित करो तुम कुंवारी हो

NEW DELHI: दुनिया बहुत आगे निकल चुकी है लेकिन  हम आज भी सड़-गल चुकी परंपराओं को निभा रहे हैं। लेकिन क्या करें हमारी भी मजबूरी है। आज भी शादी के वक्त लड़कियों से हर तरह के बलिदान की उम्मीद की जाती है।

शादी से पहले दहेज और बाद में लड़कियों का वर्जिनिटी टेस्ट लिया जाता है। दिल्ली की एक लड़की के साथ भी ऐसा ही हुआ, जब उसकी सास ने उससे वर्जिनिटी टेस्ट की डिमांड कर डाली। ये दर्द हर उस लड़की का है जो अपने माता-पिता के कारण सारे दुख अकेले सहती जाती है ताकि कोई उनपर कोई उंगली न उठाए।

सोनिया ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है और उन्हें बर्लिन-हेडलबर्ग यूनिवर्सिटी से स्कॉलशिप भी मिली थी। सभी ने सोचा था कि इस लड़की की किस्मत लाखों में है लेकिन सोनिया को क्या मालूम था कि उसकी जिंदगी एकदम से बदलने वाली है।

सोनिया ने फरवरी 2016 में शादी की थी और उसी दिन से उनकी जिंदगी बदल गई। सुहागरात के वक्त सोनिया की सास ने उन्हें एक तौलिया लाकर दिया। सोनिया को कुछ समझ नहीं आया कि आखिर सास ने उन्हें ये सफेद तौलिया क्यों दिया है। तब उनकी सास ने जो बताया उसे सुनकर सोनिया चौंक गई।

सोनिया की सास ने उन्हें ये तौलिया अपनी वर्जिनिटी साबित करने के लिए दिया था। आप भी सोच रहे होंगे कि 21वीं सदी में भला ये बातें कहां होती होंगी लेकिन ये एकदम सच है। सोनिया की सास ने न केवल उन्हें सुहागरात वाले दिन तौलिया लाकर दिया बल्कि जब वो और उनके पति हनीमून के लिए निकल रहे थे, तब भी उन्हें एक सफेद तौलिया दिया।

सास-ससुर करने लगे दखलअंदाजी मानसी की सास ने उन्हें आदेश दिया कि लौटते ही ये तौलिया उन्हें वापस कर दें। सोनिया के बुरे दिनों की तो ये केवल शुरुआत थी। धीरे-धीरे उनके सास-ससुर ने उनके हर फैसले पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए। सोनिया और उनके पति की पर्सनल लाइफ में भी दोनों की दखलअंदाजी बढ़ती गई। उनके पति को सेक्स के दौरान प्रोटेक्शन इस्तेमाल करने मना कर दिया गया ताकि वो जल्द मां बन जाएं। मानसी की सास उनके अंडरगार्मेंट्स तक चेक करने लगीं।

सोनिया ने वूमन सेल में शिकायत की लेकिन वहां भी उन्हें न्याय नहीं मिला। उन्होंने वकील की मदद लेनी चाही मगर उंची फीस के कारण वो वकील नहीं रख पाईं। आखिर में फरवरी में उनके ससुराल वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। डिप्रेशन से जूझ रही सोनिया एक वक्त पर अपनी जिंदगी खत्म करने जा रहीं थीं लेकिन अब वो जिंदगी को लेकर पॉजिटिव हैं। उन्हें उम्मीद है कि एक दिन उन्हें न्याय जरूर मिलेगा। अपनी कहानी दुनिया से शेयर कर वो बताना चाहती हैं कि पढ़ी-लिखी लड़कियों को भी इन सबसे गुजरना पड़ता है। और ऐसे मौकों पर वो हार मानकर न बैठ जाएं, बल्कि अपने हक के लिए लड़ें।

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