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योगी के प्रभू श्रीराम की मूर्ति को लेकर मुस्लिम संगठनों ने सुनाया फरमान, गुस्से में बौखलाया ओवैसी

नई दिल्ली : सीएम योगी वो पहले मुख्यमंत्री बनेंगे जो अपनी दिवाली अयोध्या में मनाएंगे. तो वहीँ सरयू नदी के तट पर जहाँ भगवान राम का हर्ष और उल्लास के साथ 1 लाख 70 हज़ार दिये जलाकर स्वागत किया जाएगा. इससे पहले तो सीएम योगी ने प्रभु श्रीराम की 108 फ़ीट ऊँची प्रतिमा बनाने की घोषणा के बाद मुसलामानों ने बेहद चौंकाने वाला एलान कर दिया है.

 

भगवान राम की मूर्ति पर मुस्लिमों ने किया चौंकाने वाला एलान

अभी मिल रही खबर अनुसार जहाँ एक तरफ सीएम योगी अयोध्या को दुनिया का सबसे बड़ा पर्यटन स्थल बनाने जा रहे हैं. जिसके लिए सरयू नदी के तट पर भगवान श्री राम की 108 फ़ीट ऊँची प्रतिमा बनायीं जाएगी. जिस पर सबसे पहले एआइएमआइएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को मिर्ची लगी थी. जिस पर ओवैसी ने सवाल उठाया था कि किसके पैसे से भगवान राम की मूर्ति बन रही है?.

तो वहीं अब खुद यूपी में शिया वक्‍फ बोर्ड सीएम योगी के समर्थन में उतर आया है. शिया समुदाय के लोगों ने ओवैसी जैसों को ज़ोरदार तमाचा मारते हुए कहा है कि भगवान राम की प्रस्‍तावित 108 मीटर ऊंची भव्‍य प्रतिमा के लिए चांदी के 10 तीर उपहार के रूप में भेंट देंगे. यही नहीं मूर्ति के लिए ज़मीन भी देकर सहयोग करेंगे.

बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने कहा कि ये तीर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का प्रतिनिधित्‍व करेंगे. रिजवी ने कहा, ”जिस तरह मर्यादा पुरुषोत्‍तम राम ने बुराई के खिलाफ संघर्ष किया और अपने तीरों से राक्षण का दहन किया, इसी तरह हम चाहते हैं कि ये तीर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के प्रतीक के रूप में दिखे ताकि देश में सभी धर्मों के लोग शांति के साथ रह सकें.”

ओवैसी को जड़ा करारा तमाचा

शिया समुदाय के लोगों के इस फैसले ने उन सभी कट्टरपंथियों मुस्लिम संगठनो के मुँह पर तमाचा जड़ा है जो सिर्फ देश में शांति व्यवस्था बिगड़ते रहते हैं. इससे पहले शिया वक़्फ़ बोर्ड ने ही आगे आ कर कहा था कि अगर हम राम मंदिर वाला केस जीत भी जाते हैं तो भी हम राज्य में शांति व्यवस्था के लिए मंदिर राम जन्म भूमि पर ही बनाने देंगे. उनका कहना है कि विवादित जमीन मूल रूप से सुन्नियों की नहीं बल्कि शियाओं की थी.

शिया सेंट्रल बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी इन दिनों राम के रंग में नजर आ रहे हैं. इसके आगे रिजवी ने कहा ”इस क्षेत्र के नवाबों ने हमेशा अयोध्‍या के मंदिरों का सम्‍मान किया. 1739 में नवाब शुजा-उद-दौला ने अयोध्‍या के मध्‍य में हनुमान गढ़ी के लिए जमीन दान में दी थी. उसके बाद नवाज आसिफ-उद-दौला ने 1775-1793 के बीच हनुमान गढ़ी मंदिर बनाने के लिए फंड दान में दिया था.”

जहाँ एक तरफ ओवैसी जैसे लोग सीएम योगी की आलोचना कर रहे हैं वहीँ वक़्फ़ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम राम की मूर्ति लगाए जाने का स्वागत किया है. रिज़वी ने कहा है कि भगवान राम की एशिया की सबसे बड़ी मूर्ति की अगर अयोध्या में स्थापित की जाती है, तो अयोध्या के साथ-साथ पूरे यूपी का गौरव बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि अयोध्या एक सांस्कृतिक शहर है, जिसका विकास किया जाना जरूरी है.

 

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