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अभी-अभी -रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने सुनाया पहला दमदार फैसला,सेना चीफ बिपिन रावत भी हुए हैरान

नई दिल्ली : मोदी सरकार में मंत्रिमंडल में बड़ी फेरबदल के बाद निर्मला सीतारमण जो को रक्षा मंत्रालय की बड़ी ज़िम्मेदारी सौंपी गयी. गुरुवार यानी कि आज ही उन्होंने अपना पदभार संभाला. पदभार संभालते ही उन्होंने अपना अधिकारिक ट्विटर अकाउंट बनाया. जिस पर ज़बरदस्त तेज़ी से उनसे लोग जुड़ते जा रहे हैं. रक्षामंत्रालय सँभालते ही उन्होंने अपने सबसे बड़े फैसले को लोगों के साथ ट्विटर पर बताया जिसके बाद उनकी चारो तरफ तारीफ होने लगी.

रक्षा मंत्री बनते ही निर्मला सीतारमण का पहला बड़ा और दमदार फैसला

अभी-अभी न्यूज़ एजेंसी एएनआई से मिल रही खबर के मुताबिक रक्षा मंत्री बनते ही निर्मला सीतारमण ने बेहद शानदार फैसला लेकर सबको चौंका दिया. जिम्मेदारी हासिल करते ही रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने पूर्व सैनिकों को शानदार तोहफा दिया है. उन्होंने रक्षा मंत्री एक्स-सर्विसमेन फंड (आरएमईडब्ल्यूएफ) से वित्तीय सहायता को मंजूरी दी. उन्होंने 8685 पूर्व सैनिकों, विधवाओं और आश्रित सैनिकों के लिए आर्म्ड फोर्सेज फ्लैग डे फंड से 13 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान जारी किया.

चारों तरफ हो रही तारीफ

ये जानकारी उन्होंने अपने नए ट्विटर अकाउंट पर बताई. इस फैसले के बाद रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण के लिए शुभकामनाओं की जैसे झड़ी लग गयी. सबने कहा बेहद उत्तम फैसला है और जमकर तारीफ होने लगी. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अब हिंदुस्तान खुद पर निर्भर रहने वाला देश बनेगा. भारत में जो रक्षा उत्पादक काम कर रहे हैं उनके लिए दुनिया में बाजार पर भी नजर होगी. इसके साथ ही सुरक्षाबलों का कल्याण, तैयारियां और उनके परिवार का कल्याण भी हमारी प्राथमिकता होगी.

 

कांग्रेस सरकार ने हमेशा दुःख दिया

पिछली सरकारों में हमेशा से वित्तीय सहायता के लिए दर दर की ठोकरे खाने वालों पूर्व सैनिकों ने भी रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण के फैसले का ज़ोरदार स्वागत किया. उन्होंने अपनी आप बीती सुनाते हुए कहा की कैसे कांग्रेस सरकार में पिछले दस सालों में बुनियादी जीवन सुविधाओं रोटी कपड़ा और मकान के लिए उन्हें बेज़्ज़त होना पड़ा.

हिंदुस्तान नहीं रहेगा दूसरे देशों पर आश्रित

उन्होंने कहा अब से देश की रक्षा से जुड़े सभी सामग्रियों का उत्पाद हिंदुस्तान में ही होगा. हम दूसरे देशों के जो हथियार विमान टेक्नोलॉजी पुरानी हो जाती है वो हिंदुस्तान को बेच दिया जाता है. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा हिंदुस्तान खुद अपने देश में सबस उन्नत तकनीक के उत्पाद बनाएगा.

आपको बता दें देश की राजनीति में ऐसा दूसरी बार हुआ है जब किसी महिला को रक्षा मंत्रालय सौंपा गया है. इससे पहले देश की पहली महिला रक्षामंत्री इंदिरा गांधी थीं.

रक्षामंत्री का पूर्व सैनिकों के हितों में लिया गया यह फैसला बहुत ज़रूरी था. पूर्व सैनिकों के बारे में कभी कोई नहीं सोचता. उन्होंने भी अपना जीवन दांव पर लगा इस देश की रक्षा करी है. लेकिन उम्रदराज़ हो जाने के बाद क्या उनकी रक्षा करना देश की सरकार की ज़िम्मेदारी नहीं बनती है. उनके साथ हमेशा राजनीति करी गयी. लेकिन मोदी सरकार ने सरकार में आते ही सबसे पहले सबको सामान पेंशन का फैसला सुनाया जिससे पैसे को लेकर भेदभाव दूर हुआ.

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