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यहां जाने वाला कोई भी राजनेता अपने पद पर वापस नहीं लौटा, पीएम मोदी भी गए थे इस जगह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मध्यप्रदेश दौरा तो आपको याद ही होगा। जब पीएम मोदी ने नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा के समापन समारोह में हिस्सा लिया था और नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक जा कर पूजा- पाठ भी किया था। पीएम मोदी अमरकंटक तो गए लेकिन क्या आपको मालूम है कि अमरकंटक को लेकर एक बात कही जाती है। कि अब तक जो भी राजनेता अमरकंटक की यात्रा पर गए, वो अपने पद पर वापस नहीं लौटे। जी हां, चाहे वो देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी हों या फिर मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती । इन सब ने एक बार अपने पद पर रहते अमरकंटक की यात्रा की और फिर गंवाना पड़ गया उन्हें अपना पद। आइए पहले आपको बताते हैं कि किन- किन राजनेताओं को अमरकंटक से लौटने के बाद गंवानी पड़ी अपनी कुर्सी।

इंदिरा गांधी- हमारे देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी साल 1982 में अपने पद पर रहते हुए अमरकंटक के दौरे पर गई थीं। जिसके 2 साल बाद साल 1984 में उनकी हत्या हो गई।

भैरो सिंह शेखावत– हमारे देश के पूर्व उपराष्ट्रपति रहे भैरो सिंह शेखावत भी इसका शिकार हो चुके हैं। राष्ट्रपति चुनाव से पहले भैरो सिंह शेखावत हेलीकॉप्टर से अमरकंटक गए थे, जिसके बाद उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। और वो ना ही राष्ट्रपति बन पाए और ना ही उपराष्ट्रपति।

अर्जुन सिंह- मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अर्जुन सिंह अपने कार्यकाल के दौरान हेलीकॉप्टर से अमरकंटक गए थे। इस यात्रा के बाद उन्हें ना सिर्फ कुर्सी गंवानी पड़ी बल्कि उन्हें कांग्रेस पार्टी भी छोड़नी पड़ी गई। उन्होंने अपनी पार्टी भी बनाई, पर सफलता उन्हें सफलता नहीं मिली।

सुंदरलाल पटवा- मध्यप्रदेश से अकेले अर्जुन सिंह इस मिथक का शिकार नहीं हुए हैं, बल्कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय सुंदरलाल पटवा भी बाबरी मस्जिद विध्वंस से पहले अमरकंटक गए थे, लेकिन उसके बाद उन्हें भी कुर्सी गंवानी पड़ी।

उमा भारती- इस लिस्ट में मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का नाम भी शामिलहै। उमा भारती मुख्यमंत्री रहते हुए साल 2004 में हेलीकॉप्टर से अमरकंटक गयीं थीं, लेकिन कुछ ही दिनों में उन्हें न सिर्फ सीएम की कुर्सी छोड़नी पड़ी, बल्कि राजनीतिक जीवन में उन्हें काफी उतार चढ़ाव भी देखना पड़ा।

अब आप सोच रहे होंगे कि क्या पीएम मोदी को भी अमरकंटक जाने के मिथक का सामना करना पड़ेगा। तो इसके लिए आपको बता दें कि शायद पीएम मोदी को अमरकंटक के इस कथा की जानकारी होगी थी। क्योंकि जितने भी राजनेताओं ने इससे पहले अमरकंटक की यात्रा की, इन सभी में ये समानता रही कि उन्होंने नर्मदा नदी को हेलीकॉप्टर से पार किया और फिर अमरकंटक गए। यानी कि अमरकंटक बारे में किवदंती है कि नर्मदा के उद्गम स्थल के आठ किमी के दायरे में जो भी वीवीईआईपी हेलिकॉप्टर से आया, उसे सत्ता से हाथ धोना पड़ा। लेकिन शायद ही आपको ये बात मालूम हो कि, पीएम मोदी के लिए हैलीपैड का इंतजाम अमरकंटक से आठ किलोमीटर दूर करवाया गया था। डिंडोरी जिले में पीएम मोदी के लिए हेलीपैड बनाया गया था।

यहां पीएम मोदी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, देश में कई नदियां हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं है। भारत की जीवनदायनी नदी नर्मदा ने अपने जल से भारत को सींचा है और भारत को जीवनदान दिया है।

 

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