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आज हिंदुओं में शक्ति कहाँ से आई? कौन है वो जिसने सोते हुए हिंदुओं को जगाया है?

पहले वो सब ठप्पे के साथ इफ़्तार पार्टियाँ करते थे, टोपियाँ पहनते थे, सजदे करते थे, नमाज़ पढ़ने का ढोंग करते थे क्योंकि हितैषी तो ये मुसलमानों के भी नहीं थे। ये सब करने के पीछे कारण केवल एक ही था मुसलमानों के थोकबंद वोट बटोरना। चंद रियायतें दे देना, इनके दिलों में हिंदुओं के प्रति नफ़रत पैदा करना और मुसलमानों के ज़्यादा तलवे चाटना कि हिंदुओं में भी मुसलमानों के प्रति नफ़रत पैदा होने लगी थी।

कांग्रेस, वामपंथी, समाजवादी पार्टी, लालू, मुलायम, ममता बैनर्जी, केजरीवाल जैसे तमाम नेताओं और पार्टियों ने इतने ज़्यादा मुसलमानों के तलवे चाटे कि देश के हिंदुओं में हीन भावना पैदा होने लगी थी। ये नेता हिन्दू होकर भी हिंदुओं को गालियाँ देने, उनका अपमान करने से चूकते नहीं थे। जब भी कोई आतंकी घटना होती तो ये यही कहते थे कि आतंक का कोई धर्म नहीं होता लेकिन हिंदुओं को झूठे केस में फँसाकर इनको आतंक का धर्म दिख गया। याद कीजिये चिदंबरम का देश की संसद में ‘भगवा आतंकवाद’ शब्द का प्रयोग करना, कर्नल पुरोहित, साध्वी प्रज्ञा,असीमनन्द जैसे कई निर्दोष हिंदुओं को बिना किसी सबूत के गिरफ्तार करके अंतहीन यातनाएँ देना। ये सभी लोग मोदी सरकार के आने के बाद इन यातनाओं से मुक्त हुए हैं और जेल से रिहा हुए हैं अगर आज भी कांग्रेस सरकार में होती तो इन लोगों की शायद लाशें भी किसी को न मिलतीं।

याद कीजिये दिग्विजयसिंह का मुंबई के 26/11 हमले में संघ को दोषी बताने वाली क़िताब का विमोचन करना जबकि सारी दुनिया उस वक़्त भी देख रही थी कि सारे आतंकी पाकिस्तान से आये थे। वो तो क़साब ज़िंदा पकड़ा गया वरना कांग्रेस इसमें भी कई निर्दोष हिंदुओं को फँसाकर उनकी ज़िंदगी बर्बाद कर देते।

देश और हिंदुत्व के शत्रु यही नेता आज मंदिरों की घंटियां बजाने, पूजा अर्चना करने और माथा टेकने को मजबूर हो गए हैं। कभी मंदिर जाने वालों को लड़कियाँ छेड़ने वाला कहने वाला राहुल गाँधी आज खुद को जन्मजात हिन्दू बता रहा है, जबकि ये भी खबर है राहुल गाँधी दो पासपोर्ट हैं जिनमें से एक नाम उनका नाम रॉउल विंसी है। सोनिया गाँधी का मुस्लिम और ईसाई प्रेम किसी से छिपा नहीं है। बाटला हाउस एनकाउंटर में रोने वाली सोनिया आज परदे के पीछे जाकर क्यों बैठी है? बाबा विश्वनाथ की धरती पर जाकर बीमार (?) हुई सोनिया उसके बाद से कभी कहीं नज़र आईं क्या?

आज हिंदुओं में शक्ति कहाँ से आई? कौन है वो जिसने सोते हुए हिंदुओं को जगाया है? वही है न 67 साल का ऊर्जावान, राष्ट्रभक्त, कर्मवीर जो कभी दूसरे धर्म का अपमान नहीं करता लेकिन अपने धर्म का पालन पूरी आन बान और शान के साथ करता है, जो सारी दुनिया के सामने जय श्रीराम के नारे लगाता है, जो जापान के प्रधानमंत्री के साथ गंगा आरती करता है, जो दुबई के शाही परिवार से मंदिर के लिए ज़मीन लेकर आता है। विदेशों में रहने वाले मित्र बताते हैं कि आज दुनिया भारतीयों को सम्मान की दृष्टि से देखने लगी है।

वो बहुत कुछ हमें दे चुका है और देते ही जा रहा है, वो कभी किसी एक धर्म की बात नहीं करता वो हमेशा 130 करोड़ भारतीयों की बात करता है, इसके पहले वो 6 करोड़ गुजरातियों की बात करता था।

ये GST की शुरुआती परेशानियां, ये मंदी का दौर सब कुछ अस्थायी है, ज़रा इतिहास खंगालो उसने भूकम्प से तबाह गुजरात को देश का सबसे उन्नत प्रदेश बना दिया, वो भी तब, जब उसे कोई भी प्रशासनिक अनुभव नहीं था। जबकि आज वो आग में तपकर, तेज धार में कटकर नायाब सोना हीरा बन चुका है। उसकी ईमानदारी, मज़बूती, कठोर परिश्रम का लोहा तो उसके दुश्मन भी मानते हैं, वो भारत को और हिंदुत्व को इतनी ऊँचाई पर ले जायेगा जिसकी हमने कभी कल्पना भी नहीं कि होगी।

पूरा विश्वास रखो, धैर्य रखो.. वो हमें निराश नहीं करेगा..

 

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