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    जानिए कितने करोड़ की सम्पत्ति के मालिक हैं विराट-अनुष्का

    विराट को मौजूदा समय का सबसे कामयाब बल्लेबाज माना जाता है। वहीं अनुष्का शर्मा भी बॉलीवुड की सुपरहिट एक्ट्रेस हैं। क्या आप जानते हैं अपने-अपने फील्ड में कामयाब इस सेलिब्रिटी कपल की कुल संपत्ति कितनी है।

    नई दिल्ली: टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और बॉलीवुड स्टार अनुष्का शर्मा की शादी की खबरें लगातार सुर्खियों में छाई हुई हैं। दोनों 4 साल से एक दूसरे को डेट कर रहे हैं और जल्द ही वो इस रिलेशनशिप को अगले मुकाम तक ले जाने वाले हैं। विराट भारत में ही नहीं वर्ल्ड में क्रिकेट के सबसे बड़े ब्रैंड हैं। विराट को मौजूदा समय का सबसे कामयाब बल्लेबाज माना जाता है। वहीं अनुष्का शर्मा भी बॉलीवुड की सुपरहिट एक्ट्रेस हैं। क्या आप जानते हैं अपने-अपने फील्ड में कामयाब इस सेलिब्रिटी कपल की कुल संपत्ति कितनी है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक विराट के पास करीब 42 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी है। जिसमें दिल्ली और मुंबई में दो आलीशान घर और छह लग्जरी गाड़ियां शामिल हैं। विराट की गाड़ियों की कीमत करीब 9 करोड़ रुपए है। इसके अलावा वो बीसीसीआई और आईपीएल से भी सालाना 15 करोड़ तक कमाते हैं। यहां तक की विराट बाजार के भी बिग बॉस हैं। आज सभी बड़े ब्रैंड्स उन्हें अपने साथ जोड़ने के लिए कतार में खड़े रहते हैं। फोर्ब्स की लिस्ट में कोहली ब्रांड वैल्यू के मामले में दुनिया के 7वें नंबर के खिलाड़ीं हैं।
    वहीं अनुष्का शर्मा की बात करें तो उनके पास 36 करोड़ रुपये के उनके पर्सनल इन्वेस्टमेंट है। इसके अलावा वो एक फिल्म साइन करने के लिए 5 करोड़ और ब्रैंड एनडोर्समेंट के लिए 4 करोड़ फीस चार्ज करती हैं। अनुष्का के पास लगभग 5 करोड़ की लग्जरी कारें भी हैं।

     

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    नए साल के जश्न में लड़कियों ने नशे में मचाया गदर, ना कपड़ों का ख्याल, ना पब्लिक का

    New Delhi : ब्रिटेन में क्रिसमस और न्यू ईयर से पहले ही उसका सेलिब्रेशन शुरू हो गया है। हर वीकेंड पर यहां के बार और क्लब में जमकर हुड़दंग हो रहा है।

    ये फोटोज न्यूकैसल सिटी सेन्टर की हैं, जहां सैंकड़ों की संख्या में यंगस्टर्स सैन्टा हैट्स पहने फेस्टिव सीजन एन्जॉय करते दिखे। ब्रिस्टल सिटी में भी यही नजारा दिखा।

    न्यूकैसल सिटी सेन्टर में सैकड़ों की संख्या में यंगस्टर्स पार्टी के बाद सुबह तक सड़कों पर दिखे। इनमें से ज्यादातर ने सैंटा हैट्स पहन रखी थी।  पार्टीज के बाद यंगस्टर्स जगह-जगह सड़कों पर बैठे दिखे। कुछ सड़क पर ही उल्टियां करते दिखे और तो कुछ को होश तक नहीं था कि वो कहां हैं।

    फेस्टिव सीजन में सड़कों पर पुलिस की टीम भी तैनात दिखी। पुलिस अफसरों ने खराब स्थिति में पहुंच गए यंगस्टर्स की मदद भी की।  ब्रिस्टल में भी बार और पब में जबरदस्त भीड़ दिखी। फेस्टिव सीजन को देखते हुए पैरामेडिक्स की टीम भी एंबुलेंस के साथ जगह-जगह तैनात दिखी।

    फेस्टिव सीजन को देखते हुए पैरामेडिक्स ने भी अपनी यूनिफॉर्म में थोड़ा फैन्सी लुक जोड़ा था, ताकि वो भी इस सेलिब्रेशन का हिस्सा लेंगे।

     

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    मुसलमानों के सबसे बड़े विद्वान ने भारत माता की जय पर क्या कहा !

    ताहिर-उल-कादरी का ‘भारत माता की जय’ पर बड़ा ब्यान !

    ताहिर-उल-कादरी का ‘भारत माता की जय’ पर बड़ा ब्यान… देश में ‘भारत माता की जय’ बोलने और नहीं बोलने को लेकर कोहराम मचा हुआ है. MIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि गर्दन पर छुरी रख दो लेकिन ‘भारत माता की जय’ नहीं बोलेंगे. इस बीच पाकिस्तान के मशहूर इस्लामिक स्कॉलर और राजनेता ताहिर उल कादरी ने एबीपी न्यूज़ से कहा कि वतन को मां का दर्जा देना इस्लाम की तालीम और उसके इतिहास का हिस्सा हैं.

    ताहिर उल कादरी ने एबीपी न्यूज़ से कहा, वतन की सरजमीन को मां का दर्जा देना, वतन की सरजमीन से मोहब्बत करना, वतन की सरजमीन से प्यार करना, वतन की सरजमीन के लिए जान भी दे देना, ये हरगिज़ इस्लाम के खिलाफ नहीं है. ये इस्लामी तालीम में शामिल है. जो वतन से प्यार के खिलाफ बात करता है उसे चाहिए कि कुरान को पढ़े, इस्लामी इतिहास को पढ़े.

    ताहिर उल कादरी ने एबीपी न्यूज़ से कहा, वतन की सरजमीन को मां का दर्जा देना, वतन की सरजमीन से मोहब्बत करना, वतन की सरजमीन से प्यार करना, वतन की सरजमीन के लिए जान भी दे देना, ये हरगिज़ इस्लाम के खिलाफ नहीं है. ये इस्लामी तालीम में शामिल है. जो वतन से प्यार के खिलाफ बात करता है उसे चाहिए कि कुरान को पढ़े, इस्लामी इतिहास को पढ़े.

    ताहिर उल कादरी का कहना है कि जो आतंकवाद के पीछ हैं उन्हें बेनकाब किया जाए, उनके खिलाफ सबूत पेश किए जाएं. उन्हें किसी तरह की रियायत नहीं मिलनी चाहिए. कश्मीर मसले के हल पर ताहिर उल कादरी की राय थी कि इसे बातचीत से हल किया जाए और इस मामले का हल होना चाहिए.

    मशहूर इस्लामिक स्कॉलर ने कहा कि वो दोनों देशों के किसी भी आरोप का समर्थन नहीं करेंगे.ताहिर उल कादरी ने कहा, क्या दोनों देशों ने ये फैसला कर लिया है कि वे हमेशा एक दूसरे के दुश्मन रहेंगे और अगर ऐसा है तो ये दोनों देश अपनी नस्लों के दुश्मन हैं.

     

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    विडियो :देखिए किस तरह बेखोफ ये मुस्लिम लड़का हिन्दुओ को माँ बहन की गालिया दे रहा है , साथ ही चेतावनी भी दे रहा है, की हिंदुस्तान तुम्हारे बाप का नही है।

    यह कोई नई बात नही है की  हर दुसरे दिन कोई न कोई विडियो सोशल मीडिया पर डाल कर हिंदुत्व को बुरा भला कहा जाता है| यह और कुछ नही सिर्फ सेकुलरिज्म के नतीज़े है| जो हर हिन्दुस्तानी को भुगतना पड रहा है|आपको बताना चाहते है की भारत देश में रह कर यहाँ का नमक खा कर नमक हरामी करने वाले लोगो को तो अपने कई बार देखा होगा|जिसमे कुछ मुस्लिम नेता हिन्दुओ को बुरा भला कहा था और  साथ ही जान से मारने की धमकी तक दी गई |

    यही तक संतोक न मिलने पर गो माता को काटने का विडियो तक डाल दिया गया, साथ ही राम पर पर बड़े बड़े बयांन दे कर मुस्लिम लोगो में हिन्दुओ के खिलाफ जहर भरा गया, किसी न किसी तरह हिन्दुओ को भड़काया जाये किसी न किसी तरह हिन्दुओ को भड़काया जाये|

    जो विडियो आज हम आपके लिए ले कर आये है|इसमें आप साफ़ तोर पर देख सकते है और किस तरह बेखोफ एक मुस्लिम लड़का हिन्दुओ को माँ बहन की गालिया दे रहा है| साथ ही चेतावनी भी दे रहा है की हिंदुस्तान तुम्हारे बाप का नही है| यह हमारे खवाजा का है और साथ में अपना नाम और पता भी बता रहा है| की अगर किसी में हिम्मत है, तो मुझसे आ कर निपट सकता है.

    नीचे देखिये वीडियो 

     

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    हैरतअंगेज असली जलपरी को जिंदा पकड़ने की घटना और जलपरी का रहस्य !

    दोस्तों अक्सर हम लोग कहानी या किताबो में जल परियो के बारे में सुनते या पढ़ते आ रहे है इनके बारे में कई तरह की बाते कही जाती है लेकिन आज हम आपको जलपरियो को जिन्दा पकड़ने का चौंकाने वाला रहस्य बताने जा रहे है ! जलपरी  एक म्रिथक जलीय जीव है जिसका सिर एवं धड़ औरत का होता है और निचले भाग में पैरों के स्थान पर मछली की दुम होती है। जलपरियां कईं कहानियों व दंत कथाओं में पाई जाती है। शब्द “जलपरी”, जिसे अंग्रेज़ी में मर्मेड कहते है, फ़्रेंच शब्द मर याने “सागर” और मेड याने स्त्री या युवा लडकी से बना है। हालांकि कुछ फ़िल्मों में इनका पुरुष रूप जलमानव भी दिखाया गया है परन्तू सभी दंत कथाओं के अनुसार यह केवल स्त्रियां ही होती है।

    कहानियों के अनुसार जलपरियां मधुर धुन में गाना गा कर इंसानों या देवताओं को अपनी ओर आकर्षित करती है जिससे उनका ध्यान भटक जाता है। उनके इस बरताव के कारण कईं इंसान जहाज़ से समुंदर में कूद जाते है या पूरा जहाज़ ही ले डूबते हैं। कुछ कहानियों में जलपरियां डूबते हुए इंसानों की मदद करने के प्रयास में उनकी जान भी ले लेती है। यह भी कहा जाता है कि वे इंसानों को अपने जलमग्न विश्व में लेकर जाती है।

    हांस क्रिश्चन की द लिटल मर्मेड में यह कहा गया है कि जलपरियां यह भुल जाती है कि इंसान पानी के भीतर सांस नहीं ले सकते हैं, कुछ कहानियों के अनुसार वे इंसानों को जानबूझ कर डुबो देती है। जलपरियों का गाना उनके लिए श्राप माना जाता है।आधुनिक युग में जलपरियां समुंदर और लुटेरों की कहानियों में पाई जाती है और कईं बार इन्हे जलगाय, जिन्हे मैनेटी कहते है, के रूप में देखा जाता है। नाविक इन जीवों को डूर से देख कर उन्हे जलपरी समझ बैठते है।
     सांस्कृतिक तौर पर जलपरियां बिना कपडों के बताई गई है पर सेंसरशिप के चलते, जो अधिकतर फ़िल्मों में विवाद का विषय होता है, यह प्रयास किया जाता है कि जलपरियों के लम्बे बाल उनके स्तनों को ढक लें। जहां सेंसरशिप की कड़ी शर्तें लागू होती है वहां जलपरियां विभिन्न प्रकार की जल सामग्री, जैसें सिप्पियां या पौधों, से बने कपडे पहनी हुई दिखाई जाती है।

     

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    क्रिकेटर बुमराह की एक झलक को तरस गए दादा,मशहूर पोते से मिलने के लिए उठाया खौफनाक कदम

    मशहूर हस्तियों से मिलने के लिए आम आदमी की उत्सुकता तो अक्सर देखने सुनने को मिलती है.. लोग उनके एक झलक के लिए तरसते रहते हैं, पर क्या सोहरत की बुलंदियां इतनी ऊंची होती है कि वहां पहुंचने के बाद आपका अपना भी आपसे मिलने को तड़प के रह जाए। जी हां, ऐसा ही कुछ वाक्या सामने आया है एक नामी क्रिकेटर के बारे में, जहां दादा ने मशहूर पोते से मिलने की तड़प में आत्महत्या कर ली। दरअसल इंडियन क्रिकेट टीम के स्टार गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के दादा संतोख सिंह बुमराह पिछले दो दिन से लापता चल रहे थे.. रविवार को उनका शव साबरमती नदी से बरामद किया गया.. साथ ही उनका बुमराह के नाम एक बेहद मार्मिक वीडियो संदेश भी सामने आया है। उस संदेश से आशंका जताई जा रही है कि उन्होनें आत्महत्या की है।

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    असल में उत्तराखंड के उधमसिंह नगर के रहने वाले संतोख सिंह बुमराह चार दिन पहले पोते जसप्रीत बुमराह को देखने की इच्छा के लिए अहमदाबाद आए थें। चूंकि उनकी जसप्रीत की मां से अनबन चलती है इस वजह से यहां जसप्रीत के आवास के आने के बजाय अपनी बेटी यानी जसप्रीत की बुआ रविन्दर कौर के आवास पर रूके गए।लेकिन वस्त्रापुर पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी एम एम जाडेजा के मुताबिक जसप्रीत की बुआ रविन्दर कौर ने आठ दिसंबर को संतोख की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और बताया कि वो दोपहर से गायब हैं और उनका फोन भी बंद हैं।उसके बाद संतोख का उनका शव रविवार को शहर के बीचो बीच बहने वाली साबरमती नदी के दधिचि पुल के पास से मिला।

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    इसके साथ ही बुमराह के दादा एक स्थानीय चैनल से बातचीत का एक वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमें उन्होनें अपने पोते जसप्रीत को एक बार गले लगाने की अंतिम इच्छा जाहिर की है। साथ ही ये आरोप भी लगाया है कि जसप्रीत की मां उन्हें पोते से मिलने नहीं देती। हालांकि उन्होंने अपने मशहूर पोते पर फख्र जताते हुए उसे आर्शीवाद भी दिया है कि वो और नाम कमाएं। गौरतलब है भारत के लिए खेलने वाले जसप्रीत बुमराह अभी इंडियन टीम के साथ होने के कारण अहमदाबाद में नहीं हैं।

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    दरअसल बुमराह के परिवार में मतभेद की कहानी ये है कि आज के समय में ट्रक चलाने वाले संतोख सिंह की कभी अहमदाबाद में तीन फैक्ट्रियां थी।पर 2001 में उनके बेटे और जसप्रीत के पिता जसवीर सिंह का पीलिया से निधन हो गया जिसके बाद तो उनके घर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा ..आर्थिक स्थिति इतनी खराब हुई कि तीनो फैक्ट्रियों को बेचने की नौबत आ गई और उन्हे बेंच संतोख 2006 में उत्तराखंड के उधमसिंह नगर चले गए, बाद में जहां उन्होंने चार ट्रक खरीद ट्रांसपोर्टेशन का काम शुरू किया.. वो खुद भी ट्रक चलाते थे। जबकि इधर जसप्रीत की मां अहमदाबाद में ही रह गई और संतोख अपनी बीवी और टूसरे बेटे के साथ उत्तराखंड में बस गए  .. बताया जाता है कि उसके बाद से संतोख और जसप्रीत की मां में हमेशा अनबन रही। पर जब जसप्रीत ने बड़े होकर क्रिकेट में नाम कमाया तो दादा को भी अपने पोते की याद आई पर मां की वजह से जसप्रीत अपने दादा से कभी मिल ना सके।

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    वीडियो : 5000 साल पहले कलयुग के बारे में की गई ये भविष्यवाणियां, आज हो रही हैं सच !

    आज के इस दौर यानि कि कलयुग से पहले कई ऐसे युग हुआ करते थे जिसमे अनजिनत भविष्यवाणियां की गई थी. हिन्दू धर्म का सर्वाधिक महत्वपूर्ण पुराण है श्रीमद्भागवत पुराण, ऐसे में कलयुग में क्या-क्या घटित होगा इसकी भविष्यवाणी भागवत पुराण में बहुत पहले कर दी गई थी. आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि जो भी इस पुराण में कलयुग के बारे में बताया गया है वो आज के समय में सार्थक हो रहा है, वही हो रहा है जो आज के युग के बारे में श्रीमद्भागवत पुराण में लिखा गया है.

    मौजूदा खबर अनुसार बता दें कि श्रीमद्भागवत पुराण में बताया गया है कि कलयुग में जिस व्यक्ति के पास जितना धन होगा उसे उतना ही सम्मान मिलेगा. गुणों और सच्चाई की महत्ता समाप्त हो जाएगी. इस युग में जिस व्यक्ति के पास धन नहीं होगा वो अधर्मी, अपवित्र और बेकार माना जाएगा. कानून, न्याय केवल धन शक्ति के आधार पर लागू किया जाएगा. कलियुग में धर्म, सत्यवादिता, स्वच्छता, सहिष्णुता, दया, जीवन की अवधि, शारीरिक शक्ति और स्मृति सभी दिन-ब-दिन घटती जाएगी.

    आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस युग में पुरूष और स्त्री साथ-साथ रहेंगे और विवाह बस एक दो लोगों के बीच समझौता होगा. जो व्यक्ति बहुत चालाक और स्वार्थी होगा वो इस युग में बहुत विद्वान माना जाएगा. व्यापार में सफलता छल पर निर्भर करेगा. पृथ्वी भ्रष्ट लोगों से भर जाएगी और लोग सत्ता हासिल करने के लिए एक दूसरे को मारेंगे.

    गौरतलब है कि अकाल और अत्याधिक करों द्वारा परेशान, लोग पत्ते, जड़, मांस, जंगली शहद, फल, फूल और बीज खाने को मजबूर हो जाएंगे, भयंकर सूखा पड़ेगा, मौसम समय के विपरीत हो जाएगा. ठंड, हवा, गर्मी, बारिश और बर्फ यह सब लोगों को बहुत परेशान करेंगे. सर्दी के मौसम में गर्मी पड़ेगी और असमय बारिश से लोग आहत होंगे.

    देखिये वीडियो !!

    बताते चलें कि भगवान कृष्ण ने कहा था कि आने वाले समय में लोगों में कलह-कलेश और द्वेष-ईष्या ज्यादा उत्पन्न होगी. धीरे-धीरे लोगों के बीच आपसी प्रेम नफरत का रूप लेगा. पारिवारिक रिश्ते खराब होने लगेंगे. लोग अपने परिवार को छोड़कर अलग रहने लगेंगे. आज के युग में ये सब बातें अक्सर देखने को मिल रही हैं.

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    बड़ी खबर : सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर मुद्दे पर सुनाया बड़ा फैसला, कांग्रेसी नेताओं के उड़े होश, झूम उठी जनता

    लखनऊ – भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या में राम मंदिर बनाने को लेकर विवाद अब जल्द खत्म हो जाएगा ऐसा लगता है। राम मंदिर हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और अयोध्या में सदियों से भगवान श्री राम का नांद गूंजता रहा है। लेकिन, इस राम नगरी में राम मंदिर का निर्माण मुद्दा आज भी विवादों में है। Ayodhya dispute hearing in supreme court. आपको बता दें कि साल 1992 में बाबरी मस्जिद का ढ़ांचा गिरा दिया गया था जिसके बाद से राम मंदिर के निर्माण के मुद्दा की अलग अलग कोर्ट में  सुनवाई होती रही है। आज भी कोर्ट में इस मुद्दे पर सुनवाई हुई।

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    सबसे पहले को आपको बता दें सुन्नी वक्फ़ बोर्ड की तरफ से कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल यह केस लड़ रहे हैं। कपिल सिब्बल ने आज कोर्ट में सुनवाई के दौरान राम मंदिर मुद्दे की सुनवाई 2019 तक टाल देने की अपील की थी। कपिल सिब्बल ने कार्ट से अपील की थी कि कोर्ट राम मंदिर के मुद्दे पर अगली सुनवाई लोकसभा चुनाव के बाद करे। वहीं बीजेपी अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को लेकर काफी अड़िग है, बीजेपी चाहती है कि कोर्ट इस मामले कि सुनवाई हर दिन करे। जबकि, कपिल सिब्बल के जरिए कांग्रेस यह चाहती है कि राम मंदिर का मुद्दा शांत हो जाये जिससे उन्हें 2019 के चुनाव में लाभ मिल सके।

    हालांकि, कोर्ट ने कपिल की याचिका को खारिज करते हुए कहा है कि इस मुद्दे पर दोबार सुनवाई फरवरी 2018 में होगी। दरअसल, इस पूरे घटनाक्रम से ये बात साफ हो जाती है कि कांग्रेस राम मंदिर को किसी ना किसी तरह बनने से रोकने की कोशिश कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या के राम जन्मभूमि मामले में सुनवाई को 8 फरवरी 2018 तक के लिए टाल दिया है। गौरतलब है कि सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को चुनौती देने के लिए कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट के सामने इलाहाबाद हाई कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों को पढ़ा और कहा कि सभी सबूत कोर्ट के सामने पेश नहीं किए गए।

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    उत्तर प्रदेश राज्य के प्रतिनिधित्व कर रहे अडिशनल सॉलिसिटिर जनरल तुषार मेहता ने कपिल सिब्बल के इस दावे को गलत बताते हुए कहा कि इस कोस से जुड़े सभी संबंधित दस्तावेज पहले ही कोर्ट के सामने पेश किये जा चुके हैं। आपको बता दें कि कांग्रेसी नेता और वकील कपिल सिब्बल इस केस की सुनवाई 2019 लोकसभा चुनाव के बाद कराना चाहते हैं लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी इस अपील को खारिज करके बड़ा झटका दिया है। कपिल सिब्बल के राम मंदिर के निर्माण को लेकर केस लड़ने पर कांग्रेस की लोग सोशल मीडिया पर खुब खिंचाई कर रहे हैं।

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    महेंद्र सिंह धोनी के आलोचकों को रोहित शर्मा ने दिया जवाब, देखें वीडियो

    महेंद्र‍ सिंह धोनी की आलोचना करने वालों को भारतीय क्रिकेट टीम के वर्तमान कप्‍तान रोहित शर्मा ने जवाब दिया है। शर्मा ने धोनी को ‘भारतीय टीम की रीढ़’ बताते हुए जमकर तारीफ की। उन्‍होंने कहा, ”वह (धोनी) कई बार ऐसी सिचुएशन में रह चुके हैं और बार-बार खुद को साबित किया है। मुझे समझ में नहीं आया कि हमारे प्‍लान में उनके होने के बारे चर्चा क्‍यों नहीं हुई। एक बार जब वह रन बनाते हैं तो पूरी बात बदल जाती है। वह इस टीम की बहुत सालों से रीढ़ रहे हैं और रहेंगे। मैं तो सोचता हूं कि किसी टॉप ऑर्डर बल्‍लेबाज ने उनके साथ बल्‍लेबाजी की होती। हम और रन बना पाते मगर हमें सबक मिल गया है।” रोहित शर्मा ने कहा कि यह उनकी टीम के लिये आंख खोलने वाला है। रोहित ने भारत की सात विकेट से हार के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में कहा, “हमने बल्लेबाजी में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। अगर हमने 70-80 रन और बनाये होते तो स्थिति भिन्न होती। इन परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करना महत्वपूर्ण है। यह हम सबके लिये आंख खोलने वाला है।”

    भारतीय टीम केवल 112 रन पर ढेर हो गयी और श्रीलंका ने 20.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। भारत की तरफ से केवल धोनी (65) ही गेंदबाजों का डटकर सामना कर पाये। रोहित ने कहा कि वह धोनी के प्रयास से हैरान नहीं थे। उन्होंने कहा, ‘‘वह जानते हैं कि इन परिस्थितियों में क्या करना है। मुझे कोई हैरानी नहीं। जब हम गेंदबाजी कर रहे थे तब भी पिच से कुछ मदद मिल रही थी लेकिन 112 रन पर्याप्त नहीं थे।”

    विराट कोहली की अनुपस्थिति में वनडे में कप्तानी करने के बारे में रोहित ने कहा, “बहुत अच्छा अनुभव नहीं रहा। कोई भी मैच नहीं हारना चाहता। हमें अब अगले दो मैचों पर ध्यान केंद्रित करके अच्छी वापसी करनी होगी।”

    श्रीलंका के कप्तान तिसारा परेरा ने अपने गेंदबाजों की तारीफ की हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि इस पिच पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं था। परेरा ने कहा, “पहले हमें अपने गेंदबाजों को 200 प्रतिशत श्रेय देना होगा। उन्होंने हमारे लिये सब कुछ सही किया। सही लेंथ से सही क्षेत्र में गेंदबाजी की।” उन्होंने कहा, “उन्होंने बेहद अनुशासित गेंदबाजी की और यह हमारी सफलता का कारण है। इस विकेट पर खेलना आसान नहीं था। हमने ऐसे विकेट की उम्मीद नहीं की थी। हमने 250 से 260 रन के स्कोर की उम्मीद की थी लेकिन जब हमने गेंदबाजी शुरू की तो हमें लग गया था कि हम उन्हें 220 रन के अंदर रोक सकते हैं।”

     

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    यू हीं नहीं बांधते पूजा के बाद हाथ पर ‘रक्षासूत्र’, पीछे है बहुत बड़ी वजह, जान कर रह जाएंगे दंग

    हिंदू धर्म एक ऐसा धर्म है जिसे समझ पाना थोड़ा मुश्किल है. बाकी धर्मों की तुलना में यह धर्म थोड़ा कठिन और उलझा हुआ भी है. हिंदू धर्म में अनेकों ऐसी चीज़ें की जाती हैं जिसका पता लोगों को नहीं होता. वह बस धर्म, भगवान और आस्था के नाम पर इन चीज़ों को कर लेते हैं. लेकिन बहुत ज़रूरी है आप जो चीज़ करते हैं उसके बारे में आपको पूरा ज्ञान भी हो. आधे-अधूरे ज्ञान को वैसे भी खतरनाक माना गया है. इसलिए आज हम आपको ऐसी ही एक जानकारी देने वाले हैं जिसके बारे में शायद ही आपको पता होगा. इस चीज़ से वाकिफ तो हर कोई होगा लेकिन इसके पीछे का कारण बहुत ही कम लोग जानते होंगे. आज हम पूजा के बाद हाथ में बांधे जाने वाले ‘कलावा’ या ‘रक्षा सूत्र के बारे में बात करेंगे. इस कलावा को पंडित लोग पूजा के समय हाथ पर बांधते हैं. आप इस धागे को हाथ पर बंधवा तो लेते हैं पर क्या आपको इसके महत्व के बारे में पता है?

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    आपने देखा होगा कि पूजा संपन्न होने के बाद पंडित लोग इस रक्षा सूत्र को हाथ पर बांधते हैं. वह यह धागा एक मंत्र का उच्चारण करते हुए कलाई पर बांधते हैं. आमतौर पर ये धागा महिलाओं की बाईं और पुरुषों की दाईं कलाई पर बांधा जाता है. दरअसल, कलावा को हाथ पर बांधने के पीछे अटूट विश्वास होता है. इतिहास के अनुसार, उस समय पूजा या यज्ञ के दौरान जो यज्ञसूत्र बांधा जाता था उसे ही आगे चलकर लोग रक्षा सूत्र या कलावा के नाम से जानने लगे. कुछ पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान विष्णु का वामनावतार ने भी राजा बलि को यह रक्षा सूत्र बांधने के बाद ही पाताल लोक जाने की अनुमति दी थी.

    यदि आपको ध्यान हो तो पंडित लोग यह रक्षा सूत्र या कलावा बांधते समय एक मंत्र का उच्चारण करते हैं. उस मंत्र को बोलते-बोलते ही वह यह धागा हाथ पर बांधते हैं. दरअसल, पंडित लोग इसी घटना का जिक्र (राजा बलि को रक्षा सूत्र बांधने का ज़िक्र) मंत्र के रूप में करते हैं. भारत में सभी पूज्य और आदरणीय लोगों को रक्षा सूत्र बांधा जाता है. कहते हैं कि यह धागा व्यक्ति की कलाई पर बांध देने से उसकी रक्षा होती है. यह मंत्र कुछ इस प्रकार होता है-

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    मंत्र येन बद्धो बलि राजा दानवेन्द्रो महाबल: I

    तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल II

    अर्थात- दानवों के महाबली राजा बलि को जिससे बांधा गया था, उसी से मैं तुम्हे बांधता हूं. हे रक्षे! तुम चलायमान न हो, तुम चलायमान न हो.

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    खोई थी अंबानी की कार की चाबी,फिर जो अंबानी ने किया था वो इतिहास में दर्ज हुआ !

    रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी भारत के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक है . उनके घर से लेकर उनका फोन तथा गाड़ियाँ सभी चीजे खास होती है.आज हम उनकी खास गाडी से जुडी एक बात बताने वाले हैं !

    आपको बता दें कि दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक मुकेश अंबानी का घर भी दुनिया के सबसे महंगे घरों में शामिल है . मुंबई में स्थित मुकेश अंबानी के घर का नाम ‘एंटीलिया’ है जोकि किसी महल से कम नहीं है और यह दुनिया का सबसे महंगा घर भी है . यह 40000 स्क्वायर फीट में बना है .दरअसल इस महल जैसे घर की कीमत लगभग 11000 करोड़ बताई जाती है . इस में एक सिनेमा थियेटर, बार, 7 मंजिला पार्किंग, तीन हेलीपैड के अलावा सभी अत्याधुनिक सुख सुविधाएं मौजूद हैं . एंटिलिया में 600 से ज्यादा कर्मचारियों काम करते है . आज हम आपको इनकी सैलरी के विषय में बताने जा रहे है .

    जी हाँ इस आलिशान बंगले की देखरेख के लिए 600 से अधिक कर्मचारियों की जरूरत पडती है जोकि दिन रात यहाँ काम करते है . कहा जाता है कि अम्बानी के घर काम करने वाले 4th क्लास कर्मचारी की तनख्वा किसी टॉप क्लास सरकारी अफसर से कम नही है तो आप अंदाजा लगा सकते है कि यहाँ काम कर रहे 1st क्लास कर्मचारी की सैलरी क्या होगी ?

    आपको बता दें कि मुकेश अम्बानी अपने नौकरों के साथ अपने परिवार वालो की तरह बर्ताव करते है . एंटीलिया के हर फ्लोर पर एक हेड कर्मचारी नियुक्त है जोकि उस फ्लोर की पूरी देखरेख करता है . प्रत्येक हेड कर्मचारी की मासिक आय लगभग दो लाख रूपए से अधिक बताई जाती है और अधिक जानकरी के लिए आप ऊपर दी गयी विडियो देख सकते है .

    देश के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी। एक दिन वे अपने दफ्तर जाने के लिए मुंबई स्थित घर एंटीलिया की पार्किंग में पहुंचते हैं। अपनी पसंदीदा मर्सडीज कार की चाबी निकालने के लिए जेब में हाथ डालते हैं, लेकिन चाबी नहीं मिलती। 27 फ्लोर के पूरे घर में चाबी खोजी जाती है, नहीं मिलने पर अंबानी दूसरी कार से ऑफिस चले जाते हैं।इसके बाद अंबानी का IIM पासआउट जनरल मैनेजर मर्सडीज के ऑफिस में फोन करता है। तड़के 3 बजे एक हेलिकॉप्टर एंटीलिया के टॉप फ्लोर पर उतरता है। उसमें जर्मनी से आया मर्सडीज का ऑफिसर बैठा होता है जो अंबानी के स्टाफ को डुप्लिकेट चाबी सौंपता है और वापस जर्मनी चला जाता है। 

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    आठ लेन का बनेगा नया गांधी सेतु, मोदी सरकार से समानांतर पुल को मिली मंजूरी

    PATNA : केन्द्रीयवित्त मंत्रालय ने नए गांधी सेतु (पुराने गांधी सेतु के समानांतर) के निर्माण की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही गांधी सेतु के आठ लेन चौड़ा होने का रास्ता भी साफ हो गया है। इसके बाद गांधी सेतु राज्य में किसी भी नदी पर आठ लेन चौड़ाई वाला पहला महासेतु बन जाएगा। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इंडियन एकेडमी ऑफ हाइवे इंजीनियर्स (आईएएचई) की सहायता से करीब 5000 करोड़ की लागत वाले इस नए सेतु के डीपीआर को मंजूरी दे दी है।

    राज्य की यह पहली पुल परियोजना है जिसके टेंडर में जमीन को लेकर किसी भी तरह की समस्या नहीं है। पहले से ही परियोजना में उपयोग में आने वाली 90 फीसदी जमीन उपलब्ध है। वर्तमान गांधी सेतु के एप्रोच को ही चौड़ा कर नए सेतु का एप्रोच बनाया जाना है। कुल 13 किलोमीटर एलिवेटेड निर्माण वाले इस महासेतु के पटना की तरफ कंकड़बाग ओल्ड बाइपास से एलिवेटेड निर्माण शुरू होगा। इससे ओल्ड बाइपास से गायघाट तक अतिरिक्त जमीन की जरूरत नहीं पड़ेगी।

    सेतु बनाने में लगे 87 करोड़, अब लगेंगे 1372 करोड़ 

    सेतुको 1982 में बनाने पर 87 करोड़ की लागत आई थी, पर ऊपरी सतह (सुपर स्ट्रक्चर) को बदलने पर अब 1372 करोड़ खर्च हो रहे हैं। सुपर स्ट्रक्चर इतना जर्जर हो चुका है कि सेतु पर भारी वाहनों के चलने पर रोक है। आधे पुल पर पूर्वी लेन से ही गाड़ियां आ-जा रही हैं। 6 साल से पश्चिमी लेन के अधिकांश हिस्से में बड़ी गाड़ियों के चलने पर रोक है।

    वर्ष 2020 तक बदल देना है सुपर स्ट्रक्चर 
    पुरानेसेतु के सुपर स्ट्रक्चर को तोड़ने की कार्रवाई हाजीपुर की तरफ से निर्माण एजेंसी एफकॉन्स ने शुरू कर दी है। दरअसल गांधी सेतु के सुपर स्ट्रक्चर को बदलने पर 1372 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। सेतु के पश्चिमी लेन को 24 महीने में और पूर्वी लेन को 18 महीने में यानी कुल 42 महीने में पूरे गांधी सेतु का पुनर्निर्माण (सुपर स्ट्रक्चर) कर देना है।

    वर्तमान सेतु के पश्चिम में बनेगा यह नया सेतु 
    वर्तमानगांधी सेतु के पश्चिम की तरफ बनने वाले इस नए सेतु के पुल हिस्से के निर्माण में कोई बाधा नहीं है। बिहार के लिए पीएम पैकेज के तहत बनने वाले इस नए महासेतु की निर्माण प्रक्रिया मार्च के पहले शुरू कर देने का लक्ष्य है। अगमकुआं में रेलवे लाइन के ऊपर से महासेतु बनना है इसलिए रेल मंत्रालय को भी अवगत करा दिया गया है।

     

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